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मेरे रश्क़ ऐ कमार



President of Love
मेरे रश्क़ ऐ कमार तू ने पहली नज़र
जब नज़र से मिलायी मज़ा आ गया
बर्क़ सी गिर गयी काम ही कर गयी
आग ऐसी लगाई मज़ा आ गया
जाम में घोल कर हुस्न के मस्तियाँ
चाँदनी मुस्कुराई मज़ा आ गया
चाँद के साये में आय मेरे साकिया
तू ने ऐसी पिलाई मज़ा आ गया
नशा शीशे में अंगड़ाई लेने लगा
बज़्म रिंदां में सागर खनकने लगा
मैकदे पे बरसने लगी मस्तियाँ
जब घटा घिर के छायी मज़ा आ गया
बे हिजाबाना वह सामने आ गए
और जवानी जवानी से टकरा गयी
आँख उनकी सारी यूँ मेरी आँख से
देख कर ये लड़ाई मज़ा आ गया
आँख में थी हय हर मुलाक़ात पर
सुर्ख आरिज़ हुए वसाल की बात पर
उस ने शर्मा के मेरे सवालात पे
ऐसे गर्दन झुकाए मज़ा आ गया
शैख़ साहिब का ईमान बिक ही गया
देख कर हुसेन इ साक़ी पिगल हे गया
आज से पहले ये कितने मग़रूर थे
लुट गयी पारसाई मज़ा आ गया
ऐ फ़ना शुक्र है आज बाद इ फ़ना
उस ने राख ले मेरे प्यार की आबरू
अपने हाथों से उसने मेरी क़बर पर
चादर इ गुल चढ़ायी मजा आ गया
मेरे रश्क़ ऐ कमार तू ने पहली नज़र
जब नज़र से मिलायी मज़ा आ गया
मेरे रश्क़ ऐ कमार तू ने पहली नज़र
जब नज़र से मिलायी मज़ा आ गया…

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